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लेखक के बारे में निहाल चटोले का जन्म 13 अक्टूबर 2001 को दिल्ली में हुआ था। निहाल को बचपन से ही कहानिया बहुत पसंद है। हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दूसरे देशो की मूवीयो को भी यह हमेशा से पसंद करते है। एनिमे तो बचपन से उनका प्रेम रहा है। किताबो की दुनिया से वो कॉलेज के दिनों में रूबरू हुए थे और यही से उन्हें कहानियों को लिखने का तरीका और उनको लिखने की प्रेरणा मिली। निहाल अपनी कहानियों से समाज को एक अच्छी दिशा की तरफ ले जाना चाहते है और आशा करते है की उनकी कहानिया किसी को एक बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करे। पुस्तक के बारे में यह किताब ग्यारह ऐसी कहानियों की है जो ज़िंदगी के उन पलों की बात करती हैं जिन्हें हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। एक दादी का अधूरा सपना, दो भाइयों के बीच बढ़ती दूरी, एक युवक का कल पर टलता हुआ आज, समाज की आँखों में बसा भेदभाव, और उन छोटे-छोटे पलों में छुपी हिम्मत जो हमें इंसान बनाती है। यह कहानियाँ किसी और की नहीं, यह आपकी अपनी कहानियाँ हैं। हर कहानी एक आईना है जिसमें झाँकने पर शायद आपको अपना ही कोई अक्स दिख जाए।
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स्नेहा श्रुति को काव्य और उपन्यासों में रुचि है, एवं उनको लोगों को जानने की इच्छा, उनको और उनके व्यवहार को समझने की जिज्ञासा रहती है। ये संग्रह उन सब के लिए है जो अपने जीवन में एक उम्मीद, एक रोशनी, एक राहत की तलाश में है। कवयित्री इस ३० काव्य के संग्रह के द्वारा अपना नज़रिया, अपनी कहानी कहना चाहती है।
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About The Book-
This book is a collection of her heartfelt expressions, capturing moments of joy, struggle, and reflection. Whether you’re seeking inspiration or a mirror to your emotions, Shilpa’s poetry will leave a lasting impact.About The Author-
Shilpa Chalke is a passionate writer and media researcher in Mumbai, India. With a deep interest in storytelling, social issues, and cultural narratives, she weaves emotions and experiences into thought-provoking poetry. -
"बाबा रामदेव जीवन चरित" एक अनूठी पुस्तक है, जो बाबा रामदेव जी के जीवन, उनकी महिमा, और उनसे जुड़ी अद्भुत लोककथाओं को जीवित करती है। इस पुस्तक में बाबा रामदेव जी के वंशजों और लोककथाओं पर आधारित सामग्री को संग्रहित किया गया है। इसे तैयार करने में 2 वर्षों से भी अधिक का समय और अथक परिश्रम लगा है। इस पुस्तक में बाबा रामदेव जी की कहानियाँ, उनके चमत्कारी पर्चे, और प्रमुख मंदिरों का उल्लेख किया गया है। साथ ही, आरती और भजनों का दुर्लभ संग्रह भी इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। बाबा रामदेव जी की समाधि रामदेवरा में स्थित है, जहाँ भक्तजन उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। यह पुस्तक बाबा रामदेव जी के जीवन और उनकी महिमा को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है, और उन सभी के लिए मूल्यबान है जो बाबा रामदेव जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को गहराई से समझना चाहते हैं।
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About The Book
संगीत हमें जोड़ता है, अलग-अलग वाद्ययंत्रों को मिलाकर ऐसी धुन बनाता है जो सभी के लिए खुशी लाती है। ये किताब हर उस व्यक्ति के मार्गदर्शन के लिए है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहा है। डरना बुरा नही है मगर हमें डर को अपने सपनों के रास्ते में नही आने देना चाहिए, ये किताब इस बात को दर्शाती है। इसमे बताई गई कुछ सच्ची और सांझी लगने वाली कहानियां हर किसी को अपना सपना पूरा करने का हौसला और प्रोत्साहन देती है। इस किताब का सार बहुत प्रत्यक्ष है- अपने ऊपर विश्वास रखो, कठिनाइयों का डटकर के सामना करें, महनत पूरे दिल से करें, और सफर का आनंद लो।About The Author
नमस्ते, मैं दिशा शर्मा, जयपुर, राजस्थान की रहने वाली हूँ। मैंने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है और वर्तमान में उसी क्षेत्र में मास्टर डिग्री कर रही हूँ । संगीत के प्रति मेरा जुनून मेरी 10वीं बोर्ड परीक्षा के बाद उभरा, और तभी से यह मेरे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। मैं गिटार, यूकेलेले और कीबोर्ड बजाने में कुशल हूँ। इसके अतिरिक्त, मैंने संगीत में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, और वर्तमान में अपने कौशल को और अधिक निखारने और अपने संगीत ज्ञान को और गहन करने के लिए इसी क्षेत्र में अपनी मास्टर डिग्री कर रही हूँ। अपनी संगीत यात्रा में मुझे जयपुर के संगीत आश्रम में अनेकों बार प्रदर्शन करने का सौभाग्य मिला है। मेरी उल्लेखनीय उपलब्धियों में ऑल इंडिया रेडियो (ए.आई.आर.) पर एक साक्षात्कार सम्मिलित है। प्रदर्शन के अतिरिक्त, मुझे सिखाने और अपने संगीत ज्ञान को साझा करने का शौक है। विभिन्न मंचों और माध्यमों पर मैं कक्षाएँ आयोजित करती हूँ जहाँ छात्रों को मेरे द्वारा की गई गलतियों से बचने के लिए मार्गदर्शन करती हूँ और उन्हें उनके जुनून को बढ़ाने के लिये प्रोत्साहित करती हूँ। संगीत मेरे लिए केवल एक रुचि नहीं है; यह जीवन जीने का एक ढंग है और मैं दूसरों को उनकी संगीत कला एवं सपनों के प्रति प्रेरित करने का प्रयास करती हूँ। -
पुस्तक का सारांश
एक चाय और हो जाए भावनाओं, जीवन, रिश्तों और सरल खुशियों का एक अनूठा संकलन है। अजय रावत की ये कविताएँ न केवल आत्ममंथन को प्रेरित करती हैं, बल्कि जीवन के छोटे-छोटे पलों की गहराई को भी दर्शाती हैं। यह संग्रह हमें जीवन के परिचित और अनदेखे पहलुओं से जोड़ता है—चाहे वह खोई हुई यादें हों, रिश्तों की मिठास हो, या शून्यता का गहन अहसास। हर कविता एक नई सोच को जन्म देती है और पाठकों को जीवन की जटिलताओं को सरल दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देती है। यह संकलन न केवल पढ़ने का अनुभव है, बल्कि आत्मा को छू लेने वाला सफर है। लेखक की जीवनी अजय रावत, नई दिल्ली के एक अनुभवी क्रिएटिव डायरेक्टर हैं, जिनके पास ब्रांडिंग, मार्केटिंग और विज़ुअल कम्युनिकेशन में 25 से अधिक वर्षों का अनुभव है। अजय के प्रेरक लेखन में उनकी अमेज़न बेस्टसेलर किताब "Empty Your Bags. Unlock Your Potential", और चर्चित संग्रह Echoes of Ages-II और Born to Thrive में प्रकाशित लघुकथाएँ शामिल हैं। हाल ही में, उन्होंने हिंदी कविता संग्रह "एक चाय और हो जाए" प्रस्तुत किया, जो जीवन, रिश्तों और छोटी-छोटी खुशियों का सुंदर चित्रण है। अजय एक कुशल चित्रकार भी हैं, जिनकी कलाकृतियाँ भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित हुई हैं। मानव व्यवहार के प्रति गहरी रुचि रखने वाले अजय पिछले 15 वर्षों से व्यक्तिगत जीवन परिवर्तन के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। -
पुस्तक परिचय
'मुझे पुकारती हुई पुकार’ ४० कविताओं का एक ऐसा संग्रह है जो जीवन, अस्तित्व और मानवीय स्थिति का अन्वेषण बहुत ही गहनता से करता है। यह पुस्तक चार भागों में विभाजित: पहला भाग, आत्म-परिचय और पहचान स्थापित करने पर केंद्रित है, दूसरा आंतरिक द्वंद्व और आत्मचिंतन को समर्पित है, तीसरा समाज की आलोचना और व्यापक चिंतन पर, और चौथा भाग स्वीकार्यता, समाधान और आशा के स्वर को दर्शाता है। यह पुस्तक समकालीन हिंदी कविता की शैली में नवाचार का प्रयास करती है। इसमें नैतिकता, एकाकीपन और अर्थकी खोज पर आधारित कविताएँ शामिल हैं, साथ ही कुछ कविताएँ प्रकृति और उसके साथ हमारे संबंध को भी उजागर करती हैं। यह पुस्तक जीवन के शोर में कुछ क्षणों का शांत चिंतन प्रदान करती है।लेखक परिचय
25 वर्षीय सुशांत सौरभ, बिहार के एक छोटे से शहर बाँका के रहने वाले हैं। IISER भोपाल से उन्होंने भौतिकी में बीएस की पढ़ाई की है और वर्तमान में IISc में इंटर्निशप कर रहे हैं। बहुत ही कम उम्र से उन्हें उपन्यास, कहानियाँ, और कविताएँ पढ़ने का शौक रहा है। वे अक्सर किताबें छुपाकर घर में और कक्षा में पढ़ा करते थे। उन्हें विशेष रूप से दार्शनिक साहित्य और काव्य में गहरी रुचि है। हाल ही में वे अपने जीवन के कुछ सवालों के जवाब ढूँढने हिमाचल प्रदेश के एक गाँव, नड्डी में कुछ समय रहे। अपने अस्तित्व, उद्देश्य और जीवन के मायने जैसे प्रश्नों में उलझे हुए सुशांत, इनके उत्तरों की खोज में हैं और दास्तोयेवस्की, काफ्का, कामू, और मुक्तिबोध जैसे लेखकों से प्रेरित हो, पढ़ने और लिखने को अपने जीवन का अिभन्न हिस्सा बनाए रखना चाहते हैं। -
Akhiri Mulakat/आख़िरी मुलाक़ात: A Tale of Endurance and Persistence
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"जहाज़ों को जो डुबा दे, उसे तूफान कहते हैं तूफानों से जो टक्कर ले उसे अमित शाह महान कहते हैं" इस पुस्तक में ऐसी कविताएं अंकित है जो समाज में कल्याण शांति और मिट जाएं भ्रान्ति, ऐसे शब्दों से कविताओं को प्रस्तुत किया गया है। कविता मूल रूप में हृदय की अंतरंग यात्रा कराती है सभी घटनाओं को साक्षी मानकर समाज में उत्थान और पतन की घटनाओं को शब्दों द्वारा अंकित किया जाता है देश के भावी गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किये गए समाज कल्याण और सोच को काव्य रूप में प्रस्तुत किया है। आशा है आगे भी उनके प्रयासों से समाज प्रगति की तरफ बढ़ेगा।
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"देश के गध्धारो का दम निकालकर उनको दोष से दूर कर जाता है कैलाश पर्वत की तरह अडिग रहकर कैलाशविजयवर्गीय तभी कहलाता है" इस पुस्तक में ऐसी कविताएं अंकित है जो समाज में कल्याण शांति और मिट जाएं भ्रान्ति, ऐसे शब्दों से कविताओं को प्रस्तुत किया गया है। कविता मूल रूप में हृदय की अंतरंग यात्रा कराती है सभी घटनाओं को साक्षी मानकर समाज में उत्थान और पतन की घटनाओं को शब्दों द्वारा अंकित किया जाता है। माननीय कैलाश विजयवर्गीय द्वारा किये गए समाज कल्याण और सोच को काव्य रूप में प्रस्तुत किया है। आशा है आगे भी उनके प्रयासों से समाज प्रगति की तरफ बढ़ेगा











