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About the book: "अलफ़ाज़ यह ऐसी किताब हैं जो दर्शाती हैं प्यार , गम , ज़िन्दगी और ख़ुशी ." ज़िन्दगी वो लोकल की तरह हैं कभी तेज़ तो कभी स्लो हैं . चलनी मगर उसे हर रोज़ हैं . मन मैं हज़ार आशाएं लिए हर रोज़ तुझे दौड़ना हैं ,इस भीड़ भाड़ मैं शायद तू खुद को भूल गया हैं. कभी वक़्त मिले तो एक किताब का कागज़ लेना , दिल के हर राज़ उसमे खेद कर लेना . सुकून की नींद अब तुझे आणि हैं, सालो से दबे हुए अलफ़ाज़ अब बहार आने को हैं . अब वो लोकल की विंडो की सीट के पास जब भी बैठेगा तू , उस हवा के रुख मैं कुछ नशा सा होगा , होटों पे तेरे मुस्कान होगी अब कोई खालीपन सा ना होगा . कुछ ऐसा जादू "अलफ़ाज़ " कर जाएगी . About The Author: Ms. Pooja Madame is from the city that never sleeps “Mumbai”. She had done her Post Graduation in Financial Markets (MBA), with this she believes that feelings that can’t be expressed can be put down in words to give that feeling a life to live. She has been a part of few Anthologies before but this would be her first Debut Book. On the other side she is also the Founder of “House of Talent’s”Open Mic. She further quotes that “the loudest and clear message that you can give is always through writings, so follow your passion because you never know what it has in store for you”.
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लाइफ़लाइन मैनुअल क्योंकि आपातकाल किसी का इंतज़ार नहीं करता, और न ही हमें करना चाहिए। हमारा उद्देश्य अचानक कभी भी कोई मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा या सड़क दुर्घटना हो सकती है। ऐसी स्थिति में सही जानकारी और तुरंत की गई मदद किसी की जान बचा सकती है। इस गाइड का उद्देश्य आम लोगों को ऐसी जानकारी देना है, ताकि वे ज़रूरत पड़ने पर सही तरीके से मदद कर सकें। हमारा सिद्धांत है: हर व्यक्ति को, हर समय, हर परिस्थिति में, जितनी अच्छी मदद हो सके, उतनी मदद दें। समाज की ज़िम्मेदारी मुसीबत आने पर अकेले न रहें और न किसी को अकेला छोड़ें। चाहे आप पड़ोसी हों, दोस्त हों, परिवार के सदस्य हों या राह चलते कोई व्यक्ति- यदि कोई संकट में है. तो मदद के लिए आगे आएँ। इस गाइड को और बेहतर बनाने में हमारा साथ दें समय के साथ नई-नई आपातकालीन परिस्थितियाँ सामने आती रहती हैं। यदि आपको कोई ऐसी स्थिति मिले जो इस गाइड में शामिल नहीं है, तो अपना अनुभव हमारे साथ साझा करें। आपकी जानकारी भविष्य में किसी की जान बचाने में मदद कर सकती है। हर मदद करने वाला हाथ महत्वपूर्ण है। हर सेकंड कीमती है। आपकी छोटी-सी मदद किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है। डॉ. सत्य पाल गुप्ता पिछले 42 वर्षों से सर्जरी के क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, रोहतक से अपनी चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की और वहीं लगभग दो वर्षों तक सर्जरी के लेक्चरर रहे। इसके बाद उन्होंने सर गंगा राम अस्पताल में भी लंबे समय तक सेवाएँ दीं। सन् 1984 में उन्होंने नॉर्थ दिल्ली नर्सिंग होम की स्थापना की। तब से वे हज़ारों मरीजों को व्यक्तिगत और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। वे एसोसिएशन ऑफ इंडियन सर्जन्स के सक्रिय सदस्य हैं तथा अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स के शिकागो और सैन फ्रांसिस्को में आयोजित सम्मेलनों में भी भाग ले चुके हैं। वर्तमान में वे नॉर्थ दिल्ली नर्सिंग होम, अशोक विहार, नई दिल्ली 110052 के निदेशक है।
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पुस्तक के बारे में कमर दर्द पर लिखी अधिकांश योग पुस्तकों में केवल आसनों की जानकारी दी जाती है। यह पुस्तक उससे आगे बढ़कर बताती है कि आपकी पीठ में दर्द क्यों होता है और क्यों वही आसन, जो एक व्यक्ति के लिए लाभकारी है, दूसरे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आधुनिक Pain Neuroscience (दर्द विज्ञान) और पारंपरिक योग दर्शन के समन्वय के माध्यम से यह पुस्तक समझाती है कि दर्द हमेशा किसी क्षति का संकेत नहीं होता, मस्तिष्क दर्द के पैटर्न को दोबारा सीखकर उससे मुक्त हो सकता है, और रीढ़ केवल शरीर का ढांचा ही नहीं, बल्कि स्थिरता और संतुलन का आधार भी है। इस पुस्तक में आठ विशेष रीढ़ संबंधी स्थितियों के लिए चरणबद्ध योग प्रोटोकॉल, चिकित्सकीय तर्क पर आधारित 50 योगासन, तथा ऐसी श्वास-प्रणालियाँ (प्राणायाम) शामिल हैं जो तंत्रिका तंत्र को शांत कर राहत प्रदान करती हैं।वैज्ञानिक दृष्टिकोण, योगिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव पर आधारित यह पुस्तक वास्तविक और दीर्घकालिक राहत की दिशा में एक भरोसेमंद मार्गदर्शिका है। लेखक परिचय डॉ. सुषमा यादव उज्जैन की समर्पित योग शिक्षिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे पतंजलि महिला जिला प्रभारी और आई.एन.ओ. जिला सचिव के रूप में योग, स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे रघुप्रेम सेवा फाउंडेशन की संस्थापक भी हैं, जिसके माध्यम से समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। डॉ. भवित बंसल (BNYS, एम.एससी. योग थेरेपी) योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में चिकित्सक-शोधकर्ता हैं। उन्होंने एस-व्यासा विश्वविद्यालय से BNYS और निम्हांस (NIMHANS) से योग थेरेपी में एम.एससी. की है। वे वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में पीएच.डी. शोधार्थी तथा आयुष मंत्रालय के अंतर्गत CCRYN में सीनियर रिसर्च फेलो हैं। उनके 20 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
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About the book: भारत; एक रहस्यमय, एवं शोभमान राष्ट्र । परन्तु वह क्या है, जो इस राष्ट्र को चमत्कारी बनाता है? यह उन प्रार्थमिक सभ्यताओं में से एक है जिसने अनेक अन्य सभ्यताओं को जन्म दिया। इसने विश्व को आयुर्वेद, योग, ज्योतिष तथा खगोल विज्ञान दिया है। मनुस्मृति, वेद, उपनिषद, पुराण, एवं अनेकों महान ग्रंथों के साथ हिंदू धर्म को एक जटिल धर्म माना जाता है। इन शास्त्रों की विस्तृत व्याख्या का विदेशियों तथा हमारे द्वारा भ्रात विवेचन किया गया । युवा पीढी को कब तक अज्ञानता के अंधकार में रखा जाये? वैदिक काल में हिंदू धर्म के मूल सिद्धांत क्या है? गौत्र परम्परा तथा २४ अवतार क्या हैं? च्यवन एवं ध्रुव कौन थे? इस भूमि के विषय में आकर्षक करने वाले समस्त प्रश्नों का उत्तर "भारतवर्ष" है । इसमें शक्तिपीठों, ज्योतिर्लिंगों, के साथ-साथ वह काल खण्ड जब इस महान भूमि को "आर्यावर्त के रूप में जाना जाता था, तथा "विवेकानंद" जैसे आधुनिक काल के महापुरुषों का विवरण है। संक्षेप में, यह शब्दों में अंकित भारतवर्ष है
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About the Book
विश्वका यह शाश्वत नियम है कि इस संसार में पैदा हुए सम्पूर्ण प्राणी सुख-प्राप्ति एवं दुःख-निवृत्ति के लिए सदा-सर्वदा प्रयत्नशील रहते हैं। एतदर्थ शास्त्रकारोंने धर्मशास्त्रादिका अध्ययन कर सदाचारादि-पालन प्रभृति बहुत-से उपाय बतलाये हैं। डॉ. विनय कुमार, उप निदेशक, आदिवासी कल्याण, झारखण्ड के शोध-ग्रन्थ "विक्रमांकदेव चरितम् में वणित भारतवर्ष" का पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया है। ग्यारहवीं शताब्दी के कश्मीर के प्रसिद्ध कवि विल्हन विरचित काव्य "विक्रमांकदेव चरितम्" पर आधारित तत्कालीन भारतवर्ष की राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक जीवन का चित्रण प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक अत्यंत ज्ञानवर्द्धक एवं संग्रहणीय है। -
इस किताब को मेने अपने अब तक के अनुभवों से लिखा है । जो देखा जो सीखा वो आज आप सब के सामने एक किताब के जरिए प्रस्तुत कर रहा हूँ । लोग क्या कहेंगे एक ऐसा शब्द है । जिसका हम सभी लोग अपने जीवन काल मे सामना करते है । इतने सारे लोग लगातार इसी बात में फंसे हुए हैं । कि लोग क्या कहेंगे अगर उन्होंने एक निश्चित तरीके से काम किया, हम युवा पीढ़ी किसी भी नए काम को करने से डरते है । मैं ऐसा करूँ या वो करूँ तो लोग क्या कहेंगे...? अगर मैं उससे प्यार करता/करती हूँ तो लोग क्या कहेंगे...? अगर मैं उसे डेट करूं तो लोग क्या कहेंगे...? अगर मैं इस कोर्स को पढ़ूंगा तो लोग क्या कहेंगे...? मैं उससे बात करूँ तो लोग क्या कहेंगे...? खाली दिल रो दूं तो लोग क्या कहेंगे...? अगर मैं इस तरह से कपड़े पहनूंगा तो लोग क्या कहेंगे? लेकिन अंदाज़ा लगाओ कि क्या हम सच में लोगो के लिए जी रहे है । जब हम जीवित रहने के लिए लोगों की राय नहीं पूछते हैं, फिर हम क्यों अपने नए काम को करने से पहले उनके सवालो के बारे में सोचते है। जब आप इसे कुछ गंभीर विचार देते हैं, तो आप महसूस करेंगे कि आप लोगों के लिए नहीं जी रहे हैं, इसलिए, मैं कहूंगा, लोगों के लिए अभिनय करना बंद करो। आगे बढ़ो और प्यार करो, चलो, बात करो, यात्रा करो, नृत्य करो और इस बारे में चिंता किए बिना खुश रहो कि दूसरे क्या सोचेंगे। यह पुस्तक आपको यह बताएगी कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचेंगे, इस पर ध्यान दिए बिना स्वतंत्र रूप से अपना जीवन कैसे जिएं। हमेशा याद रखें कि ज्यादातर बार "जिन्हें बुरा लगता है, वे मायने नहीं रखते और जो मायने रखते हैं, वे बुरा नहीं मानते"।
About the Author
इनकी उम्र मात्र 19 वर्ष है । यह पिलखुवा , उत्तरप्रदेश के निवासी है । इतनी कम उम्र में ही इन्होंने हिन्दी सहित्य में अपने कदम जमाना शुरू कर दिया है, जिसके रहते इन्हें बहुत-सी उपलब्धियों से सम्मानित किया जा चुका है। यह एक लेखक, कवि एवं ब्लॉगर है। इनके लेखक बनने की कहानी आज से करीब चार साल पहले शुरू हुई थी । इन्होंने काफी किताबों में सहलेखक के रूप में लिखा है । और हिन्दी मे ब्लोग्स भी लिखते है । तुषार अक्सर मैगज़ीन एवं न्यूज़पेपर के लिए आर्टिकल भी लिखते रहते है । यह एक नेशनल एंड इंटरनेशनल रिकॉर्ड होल्डर भी है । इन्हें इंस्पिरेशनल इंडियन अवार्ड एवं बेस्ट एचीवर ऑफ द ईयर इन लिटरेचर 2020 से भी नवाजा गया है । -
इस पुस्तक में सांई बाबा की शिक्षाओं का वर्णन, कविताओं एंव संदेशों के जरीये किया गया है, जो इंसान को सही राह पर चलने के लिए प्रेरित करेगी. इस पुस्तक से आज की युवाओं को मार्गदर्शन मिलेगा. महंत स्वामी मोहनदास जी नंदिनी धनानी पर बाबा की असीम कृपा है कि बाबा ने स्वंय उन्हें अपनी लीलाओं एंव शिक्षाओं को लिखने तथा असंख्य लोगों तक उनका यह अनमोल खज़ाना पहुंचाने का विशुध्द साधन बनाया है, जिसके द्वारा अब तक कई हज़ारों लोग लाभान्वित हुए हैं तथा भविष्य में होते रहेंगे। दी जान जया वाही शिर्डी सांई बाबा के अनमोल संदेश', साई बाबा के द्वारा लिखवाई गई, नंदिनी धनानी की दुसरी पुस्तक है। उनके गुरु, बाबा हीरल शाह और शिर्डी के सांई बाबा के लिखवाने पर वह ये पुस्तक लिख पायी है। इस पुस्तक से पूर्व नंदिनी धनानी अंग्रेजी में, "हीलिंग विथ शिर्डी सांई बाबा" को इसी तरह लिख चुकी है। ये किताब आज भी सांई भक्तों को प्रेरित और प्रभावित कर रही है। 'शिर्डी सांई बाबा के अनमोल संदेश', में बाबा ने अपने भक्तों के लिए १०८ अनमोल ज्ञान भरे संदेश दिये हैं। इस किताब से भक्तों को अपने प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे। बाबा ने भक्तों के लिए अनमोल शिक्षा भी दी है, जिसपर चलकर मनुष्य अपना भविष्य उज्जवल कर सकता है। अपनी आत्मा को जाग्रत कर अपना जीवन संवार सकता है और अपनी मुश्किलों का हल पा सकता है। इस पुस्तक में महंत स्वामी मोहनदास जी का ज्ञान और प्रेम भरा संदेश भी है। दी जान जया द्वारा लिखी गई प्रस्तावना है जिसके द्वारा भक्त शिर्डी सांई बाबा के आशीर्वाद को महसूस कर सकेंगे।
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About the Book
यह विषय एक माँ और गोद लिए हुए बेटे की जिंदगी पर आधारित है। एक पढ़ी लिखी कमाऊ औरत को संबिधानिक अधिकार है कि वो एक बच्चे को गोद ले सकती है। मग़र उसी औरत ने अगर शादी से पहले यही निर्णय ले लिया तो हमारे ज़माने में क़यामत आ जाती है। मग़र दुनियाँ की परवाह ना करते हुए उसी औरत ने बच्चे को अपनाया वह भी अपनी शादी से दूर होकर। और किस तरह से उसने परेशानियाँ झेलकर बच्चे को बड़ा किया यही इस कहानी की विशषता है। दुनियाँ के लिए एक आईना है और प्रेरणा भी है।About the author:
कवयित्री मंजुलता मोहपात्रा २५ सालोँ से साहित्य के क्षेत्र में विभिन्न विषयों में लिखती आ रही हैं। उनकी लिखी गयी लगभग ८ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। अंग्रेजी, मराठी तथा ओड़िआ भाषा में भी वो लिखती हैं। हाल ही में इनके द्वारा लिखी गयी एक कहानी पुस्तक “वह कौन थी” का वर्ल्ड्वाइड प्रकाशन तथा वितरण हो चुका है। झंकार इनकी पहली कविता लेखन की किताब है। -
About the book - Only a seeker gets to meet the ultimate goal i.e. Enlightenment i.e. Mukti. This book helps you to understand all that is there in Universe with lots of stories and points having both superficial and esoteric meanings. Aim of this book is to give an idea of base of everything that functions in this Universe so that then you can seek the ultimate. A fiction story that binds all the knowledge together yet helps to understand the reality of Universe & Life. About the Author Abhinandan is a seeker willing to see everyone become a seeker. What he has done in his life is just based on his Prarabdha and Runanubandha. However, what he desires to do in life, this book is just an outcome of that. This book comes as part of knowledge and teaching of Lord Hanuman and various Gurus he has learned from so far. He himself is neither a Guru nor someone who has understood the Ultimate. He is seeking to become Shunya and wants you to become same.
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चलना है तो रुकना क्या अभी तो जान बाकी है जी लो तब तक खुशी से ज़िन्दगी की शाम बाकी है माना की राह पथरीली है अभी तो मुकाम बाकी है जी लो जी भर के दोस्तों होठों पे मुस्कान बाकी है पा लो जिसकी तुम्हें तलाश है अभी तो सांसों की डोर बाकी है
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मुक्तिधाम कहानी एक श्मशान घाट की कहानी है । वहाँ पे आनेवाले सब एक ही मकसद से आते हैं । और वहां पर मिले हुए लोगों के साथ कुछ अनकही बातें आपस में बांट कर कुछ प्रतिक्रिया जाहिर कर बाहर आ जातें हैं । क्य। होता है वहाँ का माहौल, यही है कहानी का सारांश लेखक के बारे में दो शब्द मंजुलता मोहापात्र पिछ्ले 30 सालो से साहित्य के क्षेत्र में निरन्तर सक्रिय है । उनके द्वारा। लिखे गए 10 किताब प्रकाशित हुए हैं । वो हिन्दी, मराठी , ओडिआ भाषा में लिखती है । हाल ही में उनके द्वार। लिखे गए सपना का सपना प्रकाशित हुआ है ।













