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    Akhiri Mulakat/आख़िरी मुलाक़ात: A Tale of Endurance and Persistence
     
  • About the book: "अलफ़ाज़ यह ऐसी किताब हैं जो दर्शाती हैं प्यार , गम , ज़िन्दगी और ख़ुशी ." ज़िन्दगी वो लोकल की तरह हैं कभी तेज़ तो कभी स्लो हैं . चलनी मगर उसे हर रोज़ हैं . मन मैं हज़ार आशाएं लिए हर रोज़ तुझे दौड़ना हैं ,इस भीड़ भाड़ मैं शायद तू खुद को भूल गया हैं. कभी वक़्त मिले तो एक किताब का कागज़ लेना , दिल के हर राज़ उसमे खेद कर लेना . सुकून की नींद अब तुझे आणि हैं, सालो से दबे हुए अलफ़ाज़ अब बहार आने को हैं . अब वो लोकल की विंडो की सीट के पास जब भी बैठेगा तू , उस हवा के रुख मैं कुछ नशा सा होगा , होटों पे तेरे मुस्कान होगी अब कोई खालीपन सा ना होगा . कुछ ऐसा जादू "अलफ़ाज़ " कर जाएगी . About The Author: Ms. Pooja Madame is from the city that never sleeps “Mumbai”. She had done her Post Graduation in Financial Markets (MBA), with this she believes that feelings that can’t be expressed can be put down in words to give that feeling a life to live. She has been a part of few Anthologies before but this would be her first Debut Book. On the other side she is also the Founder of “House of Talent’s”Open Mic. She further quotes that “the loudest and clear message that you can give is always through writings, so follow your passion because you never know what it has in store for you”.
  • About the book: भारत; एक रहस्यमय, एवं शोभमान राष्ट्र । परन्तु वह क्या है, जो इस राष्ट्र को चमत्कारी बनाता है? यह उन प्रार्थमिक सभ्यताओं में से एक है जिसने अनेक अन्य सभ्यताओं को जन्म दिया। इसने विश्व को आयुर्वेद, योग, ज्योतिष तथा खगोल विज्ञान दिया है। मनुस्मृति, वेद, उपनिषद, पुराण, एवं अनेकों महान ग्रंथों के साथ हिंदू धर्म को एक जटिल धर्म माना जाता है। इन शास्त्रों की विस्तृत व्याख्या का विदेशियों तथा हमारे द्वारा भ्रात विवेचन किया गया । युवा पीढी को कब तक अज्ञानता के अंधकार में रखा जाये? वैदिक काल में हिंदू धर्म के मूल सिद्धांत क्या है? गौत्र परम्परा तथा २४ अवतार क्या हैं? च्यवन एवं ध्रुव कौन थे? इस भूमि के विषय में आकर्षक करने वाले समस्त प्रश्नों का उत्तर "भारतवर्ष" है । इसमें शक्तिपीठों, ज्योतिर्लिंगों, के साथ-साथ वह काल खण्ड जब इस महान भूमि को "आर्यावर्त के रूप में जाना जाता था, तथा "विवेकानंद" जैसे आधुनिक काल के महापुरुषों का विवरण है। संक्षेप में, यह शब्दों में अंकित भारतवर्ष है
  • प्रज्ञा तिवारी ने डूब कर प्रेम कहानी लिखी है। हीर, जीत और पंचम के बीच चलती हुई कहानी जीवन और संबंधों के सारे छोर खोजती है। युवा प्रेमियों का अलबेला मन मिजाज मनभावन है। युवा प्रेमी भी अपनी खुशियाँ एक दूसरे में ढूँढते हैं। अपनी मस्ती और आवारगी के लिए साथी पर निर्भर होते हुए भी अपने लिए स्पेस की माँग रख देते हैं। उपन्यास का अंत भी गैर पारंपरिक है। अगले भाग का लालच देकर कुछ छुपा लिया है। यह फिल्मी तरीका है... दूसरी फिल्म का संकेत देकर 'द इंड होता है। अंग्रेजी शब्दों की, गानों और मैसेज की भरमार है। अब युवा पीढ़ी अपनी ही भाषा में बात करेंगी न! बहुत रोचक कथा है, बहुत प्रवाह भी है। एक जिज्ञासा के साथ पढ़ते चले जाते हैं। बकौल अनामिका 'जीवंत किरदारों और हंसमुख संवादों के बीच पनपती इस खिचड़ी भाषा में कहीं कंकड़ नहीं है। सहज प्रवाही संवादों में कोई कोई अंग्रेजी शब्द दांत में फंसकर खिचडी का मजा किरकिरा नहीं करता।" प्रज्ञा का पहला उपन्यास है। पहले मैंने इनकी कहानियाँ पढी हैं। मुझे कहानी संग्रह का इंतजार रहा और इधर इस लड़की ने उपन्यास लिख दिया। बहुआयामी प्रतिभा संपन्न प्रज्ञा बहुत कुछ करती है... जो भी करती है, रचनात्मक करती है। उसे पहले उपन्यास की बधाई और ढेर सारी शुभकामना
  • इस किताब को मेने अपने अब तक के अनुभवों से लिखा है । जो देखा जो सीखा वो आज आप सब के सामने एक किताब के जरिए प्रस्तुत कर रहा हूँ । लोग क्या कहेंगे एक ऐसा शब्द है । जिसका हम सभी लोग अपने जीवन काल मे सामना करते है । इतने सारे लोग लगातार इसी बात में फंसे हुए हैं । कि लोग क्या कहेंगे अगर उन्होंने एक निश्चित तरीके से काम किया, हम युवा पीढ़ी किसी भी नए काम को करने से डरते है । मैं ऐसा करूँ या वो करूँ तो लोग क्या कहेंगे...? अगर मैं उससे प्यार करता/करती हूँ तो लोग क्या कहेंगे...? अगर मैं उसे डेट करूं तो लोग क्या कहेंगे...? अगर मैं इस कोर्स को पढ़ूंगा तो लोग क्या कहेंगे...? मैं उससे बात करूँ तो लोग क्या कहेंगे...? खाली दिल रो दूं तो लोग क्या कहेंगे...? अगर मैं इस तरह से कपड़े पहनूंगा तो लोग क्या कहेंगे? लेकिन अंदाज़ा लगाओ कि क्या हम सच में लोगो के लिए जी रहे है । जब हम जीवित रहने के लिए लोगों की राय नहीं पूछते हैं, फिर हम क्यों अपने नए काम को करने से पहले उनके सवालो के बारे में सोचते है। जब आप इसे कुछ गंभीर विचार देते हैं, तो आप महसूस करेंगे कि आप लोगों के लिए नहीं जी रहे हैं, इसलिए, मैं कहूंगा, लोगों के लिए अभिनय करना बंद करो। आगे बढ़ो और प्यार करो, चलो, बात करो, यात्रा करो, नृत्य करो और इस बारे में चिंता किए बिना खुश रहो कि दूसरे क्या सोचेंगे। यह पुस्तक आपको यह बताएगी कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचेंगे, इस पर ध्यान दिए बिना स्वतंत्र रूप से अपना जीवन कैसे जिएं। हमेशा याद रखें कि ज्यादातर बार "जिन्हें बुरा लगता है, वे मायने नहीं रखते और जो मायने रखते हैं, वे बुरा नहीं मानते"।
    About the Author
    इनकी उम्र मात्र 19 वर्ष है । यह पिलखुवा , उत्तरप्रदेश के निवासी है । इतनी कम उम्र में ही इन्होंने हिन्दी सहित्य में अपने कदम जमाना शुरू कर दिया है, जिसके रहते इन्हें बहुत-सी उपलब्धियों से सम्मानित किया जा चुका है। यह एक लेखक, कवि एवं ब्लॉगर है। इनके लेखक बनने की कहानी आज से करीब चार साल पहले शुरू हुई थी । इन्होंने काफी किताबों में सहलेखक के रूप में लिखा है । और हिन्दी मे ब्लोग्स भी लिखते है । तुषार अक्सर मैगज़ीन एवं न्यूज़पेपर के लिए आर्टिकल भी लिखते रहते है । यह एक नेशनल एंड इंटरनेशनल रिकॉर्ड होल्डर भी है । इन्हें इंस्पिरेशनल इंडियन अवार्ड एवं बेस्ट एचीवर ऑफ द ईयर इन लिटरेचर 2020 से भी नवाजा गया है ।
  • About the Book
    यह विषय एक माँ और गोद लिए हुए बेटे की जिंदगी पर आधारित है। एक पढ़ी लिखी कमाऊ औरत को संबिधानिक अधिकार है कि वो एक बच्चे को गोद ले सकती है। मग़र उसी औरत ने अगर शादी से पहले यही निर्णय ले लिया तो हमारे ज़माने में क़यामत आ जाती है। मग़र दुनियाँ की परवाह ना करते हुए उसी औरत ने बच्चे को अपनाया वह भी अपनी शादी से दूर होकर। और किस तरह से उसने परेशानियाँ झेलकर बच्चे को बड़ा किया यही इस कहानी की विशषता है। दुनियाँ के लिए एक आईना है और प्रेरणा भी है।  
    About the author:
    कवयित्री मंजुलता मोहपात्रा २५ सालोँ से साहित्य के क्षेत्र में विभिन्न विषयों में लिखती आ रही हैं। उनकी लिखी गयी लगभग ८ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। अंग्रेजी, मराठी तथा ओड़िआ भाषा में भी वो लिखती हैं। हाल ही में इनके द्वारा लिखी गयी एक कहानी पुस्तक “वह कौन थी” का वर्ल्ड्वाइड प्रकाशन तथा वितरण हो चुका है। झंकार इनकी पहली कविता लेखन की किताब है।
  • About The Book
    किताबें हमारे जीवन की सबसे अच्छी साथी होती हैं। जब भी हमें उनकी आव- श्यकता होती है वे हमारे लिए उपलब्ध होती है। किताबें हमारी आसपास की दुनिया को समझने, सही और गलत के बीच निर्णय लेने में हमारी मदद करती हैं। वे हमारे आदर्श, मार्गदर्शक या सर्वकालिक शिक्षक के रूप में भी हमारे जीवन में शामिल होती हैं। इस किताब में अनेक विषय पर मैंने कविता लिखी है। जिसमें इजहारे मोहब्बत, टूटा हुआ दिल, मोटीवेशनल और कई तरह के कविताओं का मिश्रण है। मुझे उम्मीद है इस से आप सब को और मुझे भी इस किताब से कुछ सिखने का मौका मिलेगा।
  • पुस्तक परिचय
    'मुझे पुकारती हुई पुकार’ ४० कविताओं का एक ऐसा संग्रह है जो जीवन, अस्तित्व और मानवीय स्थिति का अन्वेषण बहुत ही गहनता से करता है। यह पुस्तक चार भागों में विभाजित: पहला भाग, आत्म-परिचय और पहचान स्थापित करने पर केंद्रित है, दूसरा आंतरिक द्वंद्व और आत्मचिंतन को समर्पित है, तीसरा समाज की आलोचना और व्यापक चिंतन पर, और चौथा भाग स्वीकार्यता, समाधान और आशा के स्वर को दर्शाता है। यह पुस्तक समकालीन हिंदी कविता की शैली में नवाचार का प्रयास करती है। इसमें नैतिकता, एकाकीपन और अर्थकी खोज पर आधारित कविताएँ शामिल हैं, साथ ही कुछ कविताएँ प्रकृति और उसके साथ हमारे संबंध को भी उजागर करती हैं। यह पुस्तक जीवन के शोर में कुछ क्षणों का शांत चिंतन प्रदान करती है।
    लेखक परिचय
    25 वर्षीय सुशांत सौरभ, बिहार के एक छोटे से शहर बाँका के रहने वाले हैं। IISER भोपाल से उन्होंने भौतिकी में बीएस की पढ़ाई की है और वर्तमान में IISc में इंटर्निशप कर रहे हैं। बहुत ही कम उम्र से उन्हें उपन्यास, कहानियाँ, और कविताएँ पढ़ने का शौक रहा है। वे अक्सर किताबें छुपाकर घर में और कक्षा में पढ़ा करते थे। उन्हें विशेष रूप से दार्शनिक साहित्य और काव्य में गहरी रुचि है। हाल ही में वे अपने जीवन के कुछ सवालों के जवाब ढूँढने हिमाचल प्रदेश के एक गाँव, नड्डी में कुछ समय रहे। अपने अस्तित्व, उद्देश्य और जीवन के मायने जैसे प्रश्नों में उलझे हुए सुशांत, इनके उत्तरों की खोज में हैं और दास्तोयेवस्की, काफ्का, कामू, और मुक्तिबोध जैसे लेखकों से प्रेरित हो, पढ़ने और लिखने को अपने जीवन का अिभन्न हिस्सा बनाए रखना चाहते हैं।
  • स्नेहा श्रुति को काव्य और उपन्यासों में रुचि है, एवं उनको लोगों को जानने की इच्छा, उनको और उनके व्यवहार को समझने की जिज्ञासा रहती है। ये संग्रह उन सब के लिए है जो अपने जीवन में एक उम्मीद, एक रोशनी, एक राहत की तलाश में है। कवयित्री इस ३० काव्य के संग्रह के द्वारा अपना नज़रिया, अपनी कहानी कहना चाहती है।
  • About The Book
    Embark on an extraordinary journey with Mahendra Agarwal as he retraces the sacred path of Lord Ram, from Ayodhya to Rameshwaram, accompanied by his devoted wife. In this captivating book, Agarwal intimately covers the 14-year exile of Ram, Lakshman, and Sita, exploring the profound historical and religious significance of each location. With vivid photos and insightful narratives, this book is a pilgrimage through time, revealing the spiritual essence of the places, encounters with significant individuals, and the enduring teachings of the epic Ramayana. Join the author on a pilgrimage of devotion, history, and self-discovery.    
  • About The Book
    अयोध्या से रामेश्वरम तक, भगवान राम द्वारा अनुसरित पवित्र मार्ग की एकै असाधारण यात्रा पर महेंद्र अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी के साथ चलें। इस मनोरम पुस्तक में, अग्रवाल जी ने गहन ऐतिहासिक और धार्मिक खोज करते हुए, राम, लक्ष्मण और सीता के 14 साल के वनवास को विस्तारपूर्वक दर्शाया है। प्रत्येक स्थान का महत्व. सुंदर तस्वीरों और अंतर्दृष्टिपूर्ण व्याख्यानों के साथ, यह पुस्तक एक तीर्थयात्रा है, जो स्थानों के आध्यात्मिक सार, महत्वपूर्ण व्यक्तियों के साथ भेंट और महाकाव्य रामायण की स्थायी शिक्षाओं को प्रकट करती है। भक्ति, इतिहास और आत्म- खोज की इस तीर्थयात्रा पर लेखक के साथ चलें  
  • इस पुस्तक में सांई बाबा की शिक्षाओं का वर्णन, कविताओं एंव संदेशों के जरीये किया गया है, जो इंसान को सही राह पर चलने के लिए प्रेरित करेगी. इस पुस्तक से आज की युवाओं को मार्गदर्शन मिलेगा. महंत स्वामी मोहनदास जी नंदिनी धनानी पर बाबा की असीम कृपा है कि बाबा ने स्वंय उन्हें अपनी लीलाओं एंव शिक्षाओं को लिखने तथा असंख्य लोगों तक उनका यह अनमोल खज़ाना पहुंचाने का विशुध्द साधन बनाया है, जिसके द्वारा अब तक कई हज़ारों लोग लाभान्वित हुए हैं तथा भविष्य में होते रहेंगे। दी जान जया वाही शिर्डी सांई बाबा के अनमोल संदेश', साई बाबा के द्वारा लिखवाई गई, नंदिनी धनानी की दुसरी पुस्तक है। उनके गुरु, बाबा हीरल शाह और शिर्डी के सांई बाबा के लिखवाने पर वह ये पुस्तक लिख पायी है। इस पुस्तक से पूर्व नंदिनी धनानी अंग्रेजी में, "हीलिंग विथ शिर्डी सांई बाबा" को इसी तरह लिख चुकी है। ये किताब आज भी सांई भक्तों को प्रेरित और प्रभावित कर रही है। 'शिर्डी सांई बाबा के अनमोल संदेश', में बाबा ने अपने भक्तों के लिए १०८ अनमोल ज्ञान भरे संदेश दिये हैं। इस किताब से भक्तों को अपने प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे। बाबा ने भक्तों के लिए अनमोल शिक्षा भी दी है, जिसपर चलकर मनुष्य अपना भविष्य उज्जवल कर सकता है। अपनी आत्मा को जाग्रत कर अपना जीवन संवार सकता है और अपनी मुश्किलों का हल पा सकता है। इस पुस्तक में महंत स्वामी मोहनदास जी का ज्ञान और प्रेम भरा संदेश भी है। दी जान जया द्वारा लिखी गई प्रस्तावना है जिसके द्वारा भक्त शिर्डी सांई बाबा के आशीर्वाद को महसूस कर सकेंगे।
  • "बाबा रामदेव जीवन चरित" एक अनूठी पुस्तक है, जो बाबा रामदेव जी के जीवन, उनकी महिमा, और उनसे जुड़ी अद्भुत लोककथाओं को जीवित करती है। इस पुस्तक में बाबा रामदेव जी के वंशजों और लोककथाओं पर आधारित सामग्री को संग्रहित किया गया है। इसे तैयार करने में 2 वर्षों से भी अधिक का समय और अथक परिश्रम लगा है। इस पुस्तक में बाबा रामदेव जी की कहानियाँ, उनके चमत्कारी पर्चे, और प्रमुख मंदिरों का उल्लेख किया गया है। साथ ही, आरती और भजनों का दुर्लभ संग्रह भी इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। बाबा रामदेव जी की समाधि रामदेवरा में स्थित है, जहाँ भक्तजन उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। यह पुस्तक बाबा रामदेव जी के जीवन और उनकी महिमा को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है, और उन सभी के लिए मूल्यबान है जो बाबा रामदेव जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को गहराई से समझना चाहते हैं।
  • लेखक के बारे में   निहाल चटोले का जन्म 13 अक्टूबर 2001 को दिल्ली में हुआ था। निहाल को बचपन से ही कहानिया बहुत पसंद है। हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दूसरे देशो की मूवीयो को भी यह हमेशा से पसंद करते है। एनिमे तो बचपन से उनका प्रेम रहा है। किताबो की दुनिया से वो कॉलेज के दिनों में रूबरू हुए थे और यही से उन्हें कहानियों को लिखने का तरीका और उनको लिखने की प्रेरणा मिली। निहाल अपनी कहानियों से समाज को एक अच्छी दिशा की तरफ ले जाना चाहते है और आशा करते है की उनकी कहानिया किसी को एक बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करे।   पुस्तक के बारे में यह किताब ग्यारह ऐसी कहानियों की है जो ज़िंदगी के उन पलों की बात करती हैं जिन्हें हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। एक दादी का अधूरा सपना, दो भाइयों के बीच बढ़ती दूरी, एक युवक का कल पर टलता हुआ आज, समाज की आँखों में बसा भेदभाव, और उन छोटे-छोटे पलों में छुपी हिम्मत जो हमें इंसान बनाती है। यह कहानियाँ किसी और की नहीं, यह आपकी अपनी कहानियाँ हैं। हर कहानी एक आईना है जिसमें झाँकने पर शायद आपको अपना ही कोई अक्स दिख जाए।
  • About the book - Only a seeker gets to meet the ultimate goal i.e. Enlightenment i.e. Mukti. This book helps you to understand all that is there in Universe with lots of stories and points having both superficial and esoteric meanings. Aim of this book is to give an idea of base of everything that functions in this Universe so that then you can seek the ultimate. A fiction story that binds all the knowledge together yet helps to understand the reality of Universe & Life. About the Author Abhinandan is a seeker willing to see everyone become a seeker. What he has done in his life is just based on his Prarabdha and Runanubandha. However, what he desires to do in life, this book is just an outcome of that. This book comes as part of knowledge and teaching of Lord Hanuman and various Gurus he has learned from so far. He himself is neither a Guru nor someone who has understood the Ultimate. He is seeking to become Shunya and wants you to become same.
  • About The Book
    पेश है 'द पिग्गी बैंक स्टोरी'...या हमारे आपके घरों में रखे किसी गुल्लक की कहानी। यह ईशान, मेहर और उनके प्यारे बुद्धिमान दादाजी (दादू) की नज़रों से एक ऐसी यात्रा है जो आपको हँसाएगी, सिखाएगी और भावुक भी करेगी। यह महज़ पन्नों का पुलिंदा नहीं.....यह आज की पीढ़ी के लिए अनिवार्य, क्रांतिकारी शैक्षिक आंदोलन है! हास्य, समझदारी और वास्तविक जीवन की दुविधाओं से भरे 20 दिल को छू लेने वाले अध्यायों के माध्यम से, यह किताब पैसे की बात को न केवल समझने लायक, बल्कि अविस्मरणीय बना देती है। यह हर दूरदर्शी माता-पिता, शिक्षक और छात्र के लिए एक अनमोल विरासत है। किताब आपको बताती है कि पैसा सिर्फ़ मासिक खर्चों का हिसाब नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का द्वार है। आप सीखेंगे कि इसकी असली ताकत को पहचानना कैसे है, इसके सामाजिक दबाव को चुनौती कैसे देनी है, और सबसे महत्वपूर्ण.....पैसे को अपना गुलाम बनाकर कैसे जीना है, न कि उसकी गुलामी करके। अगर आपने कभी यह चाहा है कि आपका बच्चा अपने मूल्यों को खोए बिना पैसे की समझ सीख ले, तो यह किताब ही आपका जवाब है। क्योंकि जो सबक स्कूल सिखाना भूल जाते हैं... ज़िंदगी उसकी कीमत ब्याज सहित वसूलती है।  
  • About The Book-
    This book is a collection of her heartfelt expressions, capturing moments of joy, struggle, and reflection. Whether you’re seeking inspiration or a mirror to your emotions, Shilpa’s poetry will leave a lasting impact.  
    About The Author-
    Shilpa Chalke is a passionate writer and media researcher in Mumbai, India. With a deep interest in storytelling, social issues, and cultural narratives, she weaves emotions and experiences into thought-provoking poetry.
  • About the Book
    विश्वका यह शाश्वत नियम है कि इस संसार में पैदा हुए सम्पूर्ण प्राणी सुख-प्राप्ति एवं दुःख-निवृत्ति के लिए सदा-सर्वदा प्रयत्नशील रहते हैं। एतदर्थ शास्त्रकारोंने धर्मशास्त्रादिका अध्ययन कर सदाचारादि-पालन प्रभृति बहुत-से उपाय बतलाये हैं। डॉ. विनय कुमार, उप निदेशक, आदिवासी कल्याण, झारखण्ड के शोध-ग्रन्थ "विक्रमांकदेव चरितम् में वणित भारतवर्ष" का पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया है। ग्यारहवीं शताब्दी के कश्मीर के प्रसिद्ध कवि विल्हन विरचित काव्य "विक्रमांकदेव चरितम्" पर आधारित तत्कालीन भारतवर्ष की राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक जीवन का चित्रण प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक अत्यंत ज्ञानवर्द्धक एवं संग्रहणीय है।
  • मैं इस किताब “आँखें बोलती हैं ” को पढ़ने वाले अपने प्रिय पाठकों का अभिनंदन करता हूँ | यूँ तो मेरे पास अपने बारे में कहने को कुछ खास नहीं हैं मगर मैंने अपनी यह पुस्तक लिख कर हिंदी साहित्य को एक छोटी सी भेंट देने का प्रयास किया है | मेरी इस पुस्तक में मेरी कलम ने वो सब लिखने का प्रयास किया जो इस संसार ने मुझे दिखाया, और मेरे पुस्तक का शीर्षक मेरे इसी अनुभव पर ही आधारित है | मैं पंजाबी लेखक क्लब के एडवाइज़र के पद को भी सुशोभित करता हूँ | मैं काव्य के प्रति रूचि बहुत वर्ष से ही रखता आया हूँ हिंदी और पंजाबी दोनों भाषाओँ से मैं भली भांति परिचित हूँ| क्लब में, मैं आम तौर पर कविता पाठ करता आया हूँ| क्लब से प्रशंसा मिलने के बाद मैंने यह किताब जो भिन्न भिन्न विषयों पर लिखी | सनातन संस्कृति से ओत प्रोत सबसे पहले “ प्रार्थना ” मंगल चरणा से ही आरम्भ किया है | हमारे क्लब में सभी द्वारा मेरी कविता “मालिक की रेल” को बहुत पसन्द किया जाता है | अगला अंक मेरा पंजाबी में आने वाला है | उसकी प्रतीक्षा करें …….
  • मेरी कविता संकलन में या कहें कि जो मैने संग्रह किया है वो जीवन और मृत्यु के बीच के सफ़र की बाते, प्रश्न, यथार्थ, कल्पना और अनुमान है! हम सबका जीवन एक यात्रा है और इस यात्रा में आप कई मनोभावों से गुज़रते है, कई सुखद होती है तो कई पीड़ादायक, मगर यात्रा पूरी करनी होती है! इस जीवनरूपी यात्रा की झलक मेरी कविताओं में है! जो यथार्थ और कल्पना से बुनी गई है
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