किताब के बारे में:
‘इश्क के बाद’ – वरुण से राही बनने तक का सफर
“इश्क के बाद जो बचता है, वही तो असली इंसान होता है।”
जब मैंने पहली बार कलम उठाई थी, तब हाथ कांप रहे थे। मन में सवाल था कि क्या मेरी बातें कोई सुनेगा? लेकिन जैसे-जैसे पन्ने भरते गए, मुझे समझ आया कि ये किताब मैं किसी और के लिए नहीं, बल्कि खुद को ढूंढने के लिए लिख रहा हूँ। इस किताब का नाम ‘इश्क के बाद’ सिर्फ एक शीर्षक नहीं, बल्कि एक हकीकत है।
लेखक के बारे में :
नमस्ते, मैं वरुण शर्मा हूँ।
लेकिन इस किताब के पन्नों के बीच, मैं सिर्फ एक ‘राही हूँ।
शायरी मेरे लिए शब्दों का खेल नहीं, बल्कि वो सुकून है जो मुझे दुनिया के शोर में नहीं मिलता। मेरा जन्म तो वरुण के रूप में हुआ, जो समाज के कायदे-कानून मानता है, पढ़ाई करता है और एक ‘अच्é







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