About The Book
मैं कच्ची पगडंडी हूँ राहगीरों की
लोग गुज़ारते रहे मेरी छाती पर से
लहराता घास रौंद कर
गले पर आया कदम किसी का
आख़िर आवाज़ दें तो कैसे?
मैं कच्ची पगडंडी हूँ राहगीरों की
लोग गुज़ारते रहे मेरी छाती पर से
लहराता घास रौंद कर
गले पर आया कदम किसी का
आख़िर आवाज़ दें तो कैसे?
| ISBN | 978-9361851544 |
|---|---|
| Pages | 198 |
| First Published | 30 October 2025 |
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