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पुस्तक के बारे में कमर दर्द पर लिखी अधिकांश योग पुस्तकों में केवल आसनों की जानकारी दी जाती है। यह पुस्तक उससे आगे बढ़कर बताती है कि आपकी पीठ में दर्द क्यों होता है और क्यों वही आसन, जो एक व्यक्ति के लिए लाभकारी है, दूसरे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आधुनिक Pain Neuroscience (दर्द विज्ञान) और पारंपरिक योग दर्शन के समन्वय के माध्यम से यह पुस्तक समझाती है कि दर्द हमेशा किसी क्षति का संकेत नहीं होता, मस्तिष्क दर्द के पैटर्न को दोबारा सीखकर उससे मुक्त हो सकता है, और रीढ़ केवल शरीर का ढांचा ही नहीं, बल्कि स्थिरता और संतुलन का आधार भी है। इस पुस्तक में आठ विशेष रीढ़ संबंधी स्थितियों के लिए चरणबद्ध योग प्रोटोकॉल, चिकित्सकीय तर्क पर आधारित 50 योगासन, तथा ऐसी श्वास-प्रणालियाँ (प्राणायाम) शामिल हैं जो तंत्रिका तंत्र को शांत कर राहत प्रदान करती हैं।वैज्ञानिक दृष्टिकोण, योगिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव पर आधारित यह पुस्तक वास्तविक और दीर्घकालिक राहत की दिशा में एक भरोसेमंद मार्गदर्शिका है। लेखक परिचय डॉ. सुषमा यादव उज्जैन की समर्पित योग शिक्षिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे पतंजलि महिला जिला प्रभारी और आई.एन.ओ. जिला सचिव के रूप में योग, स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे रघुप्रेम सेवा फाउंडेशन की संस्थापक भी हैं, जिसके माध्यम से समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। डॉ. भवित बंसल (BNYS, एम.एससी. योग थेरेपी) योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में चिकित्सक-शोधकर्ता हैं। उन्होंने एस-व्यासा विश्वविद्यालय से BNYS और निम्हांस (NIMHANS) से योग थेरेपी में एम.एससी. की है। वे वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में पीएच.डी. शोधार्थी तथा आयुष मंत्रालय के अंतर्गत CCRYN में सीनियर रिसर्च फेलो हैं। उनके 20 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
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कैंसर केवल एक शारीरिक बीमारी नहीं है; इसका मानसिक और भावनात्मक प्रभाव भी उतना ही गहरा होता है। यह पुस्तक कैंसर यात्रा के अनदेखे पहलुओं को उजागर करती है, जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। यह किताब न केवल उन लोगों के लिए सहायक है जो इस कठिन दौर से गुजर रहे हैं, बल्कि उनके लिए भी जो अपने प्रियजनों की देखभाल कर रहे हैं। इसमें आशा, साहस और सहानुभूति का संदेश है, ताकि कोई भी अकेला महसूस न करे। यह पुस्तक चिंता और भय से निपटने में मदद करती है और दिखाती है कि सबसे कठिन समय में भी उम्मीद की किरण मौजूद होती है। यह एक मार्गदर्शिका है, जो कैंसर से जूझ रहे लोगों को समझ, समर्थन और शक्ति प्रदान करने का प्रयास करती है।
लेखक के बारे में
शिल्पी एक अनुभवी लर्निंग और डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट हैं, जिनके पास बीस से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह प्रोफेशनल्स को उनके करियर को ऊंचाई देने और उनकी क्षमताओं को निखारने में मदद करने के लिए समर्पित रही हैं। अपने करियर के दौरान, उन्होंने जुनून के साथ ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाए हैं जो विकास को प्रोत्साहित करते हैं और संभावनाओं के द्वार खोलते हैं, जिससे लोग अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकें। अप्रैल 2024 में, शिल्पी के जीवन ने एक अप्रत्याशित मोड़ लिया जब उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का पता चला। इस कठिन समय में, उन्होंने एक गहरी व्यक्तिगत निर्णय लिया—एक ऐसी किताब लिखने का, जो कैंसर मरीजों को यह एहसास दिलाए कि उनकी भावनाओं को सुना, समझा और स्वीकार किया गया है। अपनी लेखनी के माध्यम से, वह न केवल सांत्वना देना चाहती हैं बल्कि दूसरों को प्रेरित भी करना चाहती हैं, ताकि वे अपने सफर को हिम्मत और आशा के साथ तय कर सकें। शिल्पी को पढ़ने का बेहद शौक है, और उन्होंने हमेशा लर्निंग और डेवलपमेंट प्रोफेशनल के रूप में अपनी विशेषज्ञता को बढ़ाने के लिए किताबों का सहारा लिया है, खासकर नॉन-फिक्शन में उनकी गहरी रुचि रही है। हालांकि, उनका सच्चा साहित्यिक लगाव थ्रिलर और फैंटेसी फिक्शन की दुनिया में है, जहां उन्हें न केवल रोमांच बल्कि प्रेरणा भी मिलती है। -
About The Book
संगीत हमें जोड़ता है, अलग-अलग वाद्ययंत्रों को मिलाकर ऐसी धुन बनाता है जो सभी के लिए खुशी लाती है। ये किताब हर उस व्यक्ति के मार्गदर्शन के लिए है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहा है। डरना बुरा नही है मगर हमें डर को अपने सपनों के रास्ते में नही आने देना चाहिए, ये किताब इस बात को दर्शाती है। इसमे बताई गई कुछ सच्ची और सांझी लगने वाली कहानियां हर किसी को अपना सपना पूरा करने का हौसला और प्रोत्साहन देती है। इस किताब का सार बहुत प्रत्यक्ष है- अपने ऊपर विश्वास रखो, कठिनाइयों का डटकर के सामना करें, महनत पूरे दिल से करें, और सफर का आनंद लो।About The Author
नमस्ते, मैं दिशा शर्मा, जयपुर, राजस्थान की रहने वाली हूँ। मैंने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है और वर्तमान में उसी क्षेत्र में मास्टर डिग्री कर रही हूँ । संगीत के प्रति मेरा जुनून मेरी 10वीं बोर्ड परीक्षा के बाद उभरा, और तभी से यह मेरे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। मैं गिटार, यूकेलेले और कीबोर्ड बजाने में कुशल हूँ। इसके अतिरिक्त, मैंने संगीत में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, और वर्तमान में अपने कौशल को और अधिक निखारने और अपने संगीत ज्ञान को और गहन करने के लिए इसी क्षेत्र में अपनी मास्टर डिग्री कर रही हूँ। अपनी संगीत यात्रा में मुझे जयपुर के संगीत आश्रम में अनेकों बार प्रदर्शन करने का सौभाग्य मिला है। मेरी उल्लेखनीय उपलब्धियों में ऑल इंडिया रेडियो (ए.आई.आर.) पर एक साक्षात्कार सम्मिलित है। प्रदर्शन के अतिरिक्त, मुझे सिखाने और अपने संगीत ज्ञान को साझा करने का शौक है। विभिन्न मंचों और माध्यमों पर मैं कक्षाएँ आयोजित करती हूँ जहाँ छात्रों को मेरे द्वारा की गई गलतियों से बचने के लिए मार्गदर्शन करती हूँ और उन्हें उनके जुनून को बढ़ाने के लिये प्रोत्साहित करती हूँ। संगीत मेरे लिए केवल एक रुचि नहीं है; यह जीवन जीने का एक ढंग है और मैं दूसरों को उनकी संगीत कला एवं सपनों के प्रति प्रेरित करने का प्रयास करती हूँ। -
लाइफ़लाइन मैनुअल
क्योंकि आपातकाल किसी का इंतज़ार नहीं करता, और न ही हमें करना चाहिए।हमारा उद्देश्य
अचानक कभी भी कोई मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा या सड़क दुर्घटना हो सकती है। ऐसी स्थिति में सही जानकारी और तुरंत की गई मदद किसी की जान बचा सकती है। इस गाइड का उद्देश्य आम लोगों को ऐसी जानकारी देना है, ताकि वे ज़रूरत पड़ने पर सही तरीके से मदद कर सकें। हमारा सिद्धांत है: हर व्यक्ति को, हर समय, हर परिस्थिति में, जितनी अच्छी मदद हो सके, उतनी मदद दें।समाज की ज़िम्मेदारी
मुसीबत आने पर अकेले न रहें और न किसी को अकेला छोड़ें। चाहे आप पड़ोसी हों, दोस्त हों, परिवार के सदस्य हों या राह चलते कोई व्यक्ति- यदि कोई संकट में है. तो मदद के लिए आगे आएँ।इस गाइड को और बेहतर बनाने में हमारा साथ दें
समय के साथ नई-नई आपातकालीन परिस्थितियाँ सामने आती रहती हैं। यदि आपको कोई ऐसी स्थिति मिले जो इस गाइड में शामिल नहीं है, तो अपना अनुभव हमारे साथ साझा करें। आपकी जानकारी भविष्य में किसी की जान बचाने में मदद कर सकती है। हर मदद करने वाला हाथ महत्वपूर्ण है। हर सेकंड कीमती है। आपकी छोटी-सी मदद किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है। डॉ. सत्य पाल गुप्ता पिछले 42 वर्षों से सर्जरी के क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, रोहतक से अपनी चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की और वहीं लगभग दो वर्षों तक सर्जरी के लेक्चरर रहे। इसके बाद उन्होंने सर गंगा राम अस्पताल में भी लंबे समय तक सेवाएँ दीं। सन् 1984 में उन्होंने नॉर्थ दिल्ली नर्सिंग होम की स्थापना की। तब से वे हज़ारों मरीजों को व्यक्तिगत और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। वे एसोसिएशन ऑफ इंडियन सर्जन्स के सक्रिय सदस्य हैं तथा अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स के शिकागो और सैन फ्रांसिस्को में आयोजित सम्मेलनों में भी भाग ले चुके हैं। वर्तमान में वे नॉर्थ दिल्ली नर्सिंग होम, अशोक विहार, नई दिल्ली 110052 के निदेशक है। -
लाइफ़लाइन मैनुअल क्योंकि आपातकाल किसी का इंतज़ार नहीं करता, और न ही हमें करना चाहिए। हमारा उद्देश्य अचानक कभी भी कोई मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा या सड़क दुर्घटना हो सकती है। ऐसी स्थिति में सही जानकारी और तुरंत की गई मदद किसी की जान बचा सकती है। इस गाइड का उद्देश्य आम लोगों को ऐसी जानकारी देना है, ताकि वे ज़रूरत पड़ने पर सही तरीके से मदद कर सकें। हमारा सिद्धांत है: हर व्यक्ति को, हर समय, हर परिस्थिति में, जितनी अच्छी मदद हो सके, उतनी मदद दें। समाज की ज़िम्मेदारी मुसीबत आने पर अकेले न रहें और न किसी को अकेला छोड़ें। चाहे आप पड़ोसी हों, दोस्त हों, परिवार के सदस्य हों या राह चलते कोई व्यक्ति- यदि कोई संकट में है. तो मदद के लिए आगे आएँ। इस गाइड को और बेहतर बनाने में हमारा साथ दें समय के साथ नई-नई आपातकालीन परिस्थितियाँ सामने आती रहती हैं। यदि आपको कोई ऐसी स्थिति मिले जो इस गाइड में शामिल नहीं है, तो अपना अनुभव हमारे साथ साझा करें। आपकी जानकारी भविष्य में किसी की जान बचाने में मदद कर सकती है। हर मदद करने वाला हाथ महत्वपूर्ण है। हर सेकंड कीमती है। आपकी छोटी-सी मदद किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है। डॉ. सत्य पाल गुप्ता पिछले 42 वर्षों से सर्जरी के क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, रोहतक से अपनी चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की और वहीं लगभग दो वर्षों तक सर्जरी के लेक्चरर रहे। इसके बाद उन्होंने सर गंगा राम अस्पताल में भी लंबे समय तक सेवाएँ दीं। सन् 1984 में उन्होंने नॉर्थ दिल्ली नर्सिंग होम की स्थापना की। तब से वे हज़ारों मरीजों को व्यक्तिगत और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। वे एसोसिएशन ऑफ इंडियन सर्जन्स के सक्रिय सदस्य हैं तथा अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स के शिकागो और सैन फ्रांसिस्को में आयोजित सम्मेलनों में भी भाग ले चुके हैं। वर्तमान में वे नॉर्थ दिल्ली नर्सिंग होम, अशोक विहार, नई दिल्ली 110052 के निदेशक है।
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Dive headfirst into "Zillennials: Somewhere Stuck Between Millennials and Gen Z" by Shivam Dhawan, a writer who truly gives no fu*ks and fears no judgment. This isn't just a book; it's a rebellion, a way of living that involves laughing at the chaos, crying into your beer, and finding the profound in the profane. Dhawan, a cocktail of MBA, journalism, and stand-up comedy, dishes out the raw, the real, and the ridiculously funny side of being caught between two generational giants. "Zillennials" is a wild ride through the chaos of this crazy world and the rollercoaster that is our lives. This book will push your buttons, coax out laughter and tears, and leave you questioning every darn thing—love, careers, family, God, faith, politics, and yes, your very own existence. No topic is safe from his savage wit. Get ready to be shaken, stirred, and thoroughly entertained!
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About the Book
Life is a drama that is ongoing, from the Maternity ward to the mortuary. Enjoy every experience you encounter in your life and embrace every bit of it. Make the journey of your life memorable. Your mental space is your kingdom and you are the king. You are responsible for whatever happens in your kingdom and how you choose to rule it is in your hands. Accept the unchangeable and change the changeable. In order to change your life, You must initially change your mind-set. Be consciously aware of your thoughts. The first step in achieving a totally different life is to consciously replace your negative thoughts with positive ones. The author, Arjun Karthika, has outlined in this book, The methods to handle various hurdles that you may encounter in your journey of life. Your mental space will guide you to live your life to the fullest in this moment. -
"You Decide: Wounded or Wise?' is a collection of reflections by a counsellor. It touches upon a range of issues and concerns some common, some not so much. Whether it is parenting, love and relationships, mental health and daily life struggles--you will read of the challenges others have faced and how best to navigate those confusions. These perspectives can help you reflect and go inwards. These reflections can be the start of a conversation to challenge self-limiting beliefs, cycles and patterns you may have held onto for comfort, or those that need to be healed. Sandeep Adnani is a Mental Health Counsellor, Life Coach and Professional Supervisor based in Melbourne. He is a Level 2 Australian Counselling Association member, helping clients globally with his face-to-face, phone and video counselling service. His private practice, 'counsellingLIFE' was established in July 2018. This is his first non-fiction book, after writing fiction in multiple genres. His award-winning metaphysical trilogy 'The Exiled Rogue Series' was an international Amazon #1 bestseller.
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About The Book:
”You Decide: Affirm | Align | Manifest' is a collection of affirmations. “ The affirmations touch upon a range of issues and concerns—some common, some not so much. These affirmations can be the beginning of a journey to challenge self-limiting beliefs, cycles and patterns. You may have held onto some of those beliefs for comfort, or because they haven’t yet healed. They can help regulate your nervous system and bring your thoughts and energies to the present moment, giving you clarity, focus and purpose. They will help you move from the low vibration states of resistance, sadness, rage, lack and hurt, towards high vibration states of ascension, love, peace, joy and flow. Affirmations are also an effective way to process emotions rather than bypassing them, contributing positively to your individual wellness.About The Author:
Sandeep Adnani is a Mental Health Counsellor, Life Coach and Professional Supervisor based in Melbourne. He is a Level 2 member of the Australian Counselling Association, helping clients nation-wide with his supervision service and globally with his counselling and life-coaching services. His private practice, 'counsellingLIFE' was established in July 2018. This is his third non-fiction ‘You Decide’ book. The first, ‘You Decide: Wounded or Wise?’ opened at #5 on the Amazon ‘Counselling’ bestseller list in Australia. The second, ‘You Decide: The Universe Provides!’ opened at #3 on Amazon ‘Social Psychology & Interactions’ and #7 on the ‘Self-Esteem Self-Help’ bestseller lists in Australia. A multi-genre fiction author, his award-winning metaphysical trilogy ‘The Exiled Rogue Series,’ was an international Amazon #1 bestseller. -
स्वामी रामदेव के श्री चरणों में स्वस्थ्य होकर अब हम यह गीत गुनगुनाएंगे। नफरत के बागीचे में मोहब्बत हम सिखाएंगे। इस भयंकर कलयुग को ढंग से जीना हम बताएंगे। बदल जाओगे नफरत वालो, तुम्हे प्यार करना हम सिखाएंगे इस पुस्तक में ऐसी कविताएं अंकित है जो समाज में कल्याण शांति और मिट जाएं भ्रान्ति, ऐसे शब्दों से कविताओं को प्रस्तुत किया गया है। कविता मूल रूप में हृदय की अंतरंग यात्रा कराती है सभी घटनाओं को साक्षी मानकर समाज में उत्थान और पतन की घटनाओं को शब्दों द्वारा अंकित किया जाता है देश के भावी योग-गुरु स्वामी रामदेव द्वारा किये गए समाज कल्याण और सोच को काव्य रूप में प्रस्तुत किया है। आशा है आगे भी उनके प्रयासों से समाज स्वास्थ्यवर्धकता की तरफ बढ़ेगा












