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इस पुस्तक में सांई बाबा की शिक्षाओं का वर्णन, कविताओं एंव संदेशों के जरीये किया गया है, जो इंसान को सही राह पर चलने के लिए प्रेरित करेगी. इस पुस्तक से आज की युवाओं को मार्गदर्शन मिलेगा. महंत स्वामी मोहनदास जी नंदिनी धनानी पर बाबा की असीम कृपा है कि बाबा ने स्वंय उन्हें अपनी लीलाओं एंव शिक्षाओं को लिखने तथा असंख्य लोगों तक उनका यह अनमोल खज़ाना पहुंचाने का विशुध्द साधन बनाया है, जिसके द्वारा अब तक कई हज़ारों लोग लाभान्वित हुए हैं तथा भविष्य में होते रहेंगे। दी जान जया वाही शिर्डी सांई बाबा के अनमोल संदेश', साई बाबा के द्वारा लिखवाई गई, नंदिनी धनानी की दुसरी पुस्तक है। उनके गुरु, बाबा हीरल शाह और शिर्डी के सांई बाबा के लिखवाने पर वह ये पुस्तक लिख पायी है। इस पुस्तक से पूर्व नंदिनी धनानी अंग्रेजी में, "हीलिंग विथ शिर्डी सांई बाबा" को इसी तरह लिख चुकी है। ये किताब आज भी सांई भक्तों को प्रेरित और प्रभावित कर रही है। 'शिर्डी सांई बाबा के अनमोल संदेश', में बाबा ने अपने भक्तों के लिए १०८ अनमोल ज्ञान भरे संदेश दिये हैं। इस किताब से भक्तों को अपने प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे। बाबा ने भक्तों के लिए अनमोल शिक्षा भी दी है, जिसपर चलकर मनुष्य अपना भविष्य उज्जवल कर सकता है। अपनी आत्मा को जाग्रत कर अपना जीवन संवार सकता है और अपनी मुश्किलों का हल पा सकता है। इस पुस्तक में महंत स्वामी मोहनदास जी का ज्ञान और प्रेम भरा संदेश भी है। दी जान जया द्वारा लिखी गई प्रस्तावना है जिसके द्वारा भक्त शिर्डी सांई बाबा के आशीर्वाद को महसूस कर सकेंगे।
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"बाबा रामदेव जीवन चरित" एक अनूठी पुस्तक है, जो बाबा रामदेव जी के जीवन, उनकी महिमा, और उनसे जुड़ी अद्भुत लोककथाओं को जीवित करती है। इस पुस्तक में बाबा रामदेव जी के वंशजों और लोककथाओं पर आधारित सामग्री को संग्रहित किया गया है। इसे तैयार करने में 2 वर्षों से भी अधिक का समय और अथक परिश्रम लगा है। इस पुस्तक में बाबा रामदेव जी की कहानियाँ, उनके चमत्कारी पर्चे, और प्रमुख मंदिरों का उल्लेख किया गया है। साथ ही, आरती और भजनों का दुर्लभ संग्रह भी इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। बाबा रामदेव जी की समाधि रामदेवरा में स्थित है, जहाँ भक्तजन उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। यह पुस्तक बाबा रामदेव जी के जीवन और उनकी महिमा को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है, और उन सभी के लिए मूल्यबान है जो बाबा रामदेव जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को गहराई से समझना चाहते हैं।
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लेखक के बारे में निहाल चटोले का जन्म 13 अक्टूबर 2001 को दिल्ली में हुआ था। निहाल को बचपन से ही कहानिया बहुत पसंद है। हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दूसरे देशो की मूवीयो को भी यह हमेशा से पसंद करते है। एनिमे तो बचपन से उनका प्रेम रहा है। किताबो की दुनिया से वो कॉलेज के दिनों में रूबरू हुए थे और यही से उन्हें कहानियों को लिखने का तरीका और उनको लिखने की प्रेरणा मिली। निहाल अपनी कहानियों से समाज को एक अच्छी दिशा की तरफ ले जाना चाहते है और आशा करते है की उनकी कहानिया किसी को एक बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करे। पुस्तक के बारे में यह किताब ग्यारह ऐसी कहानियों की है जो ज़िंदगी के उन पलों की बात करती हैं जिन्हें हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। एक दादी का अधूरा सपना, दो भाइयों के बीच बढ़ती दूरी, एक युवक का कल पर टलता हुआ आज, समाज की आँखों में बसा भेदभाव, और उन छोटे-छोटे पलों में छुपी हिम्मत जो हमें इंसान बनाती है। यह कहानियाँ किसी और की नहीं, यह आपकी अपनी कहानियाँ हैं। हर कहानी एक आईना है जिसमें झाँकने पर शायद आपको अपना ही कोई अक्स दिख जाए।
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About the book - Only a seeker gets to meet the ultimate goal i.e. Enlightenment i.e. Mukti. This book helps you to understand all that is there in Universe with lots of stories and points having both superficial and esoteric meanings. Aim of this book is to give an idea of base of everything that functions in this Universe so that then you can seek the ultimate. A fiction story that binds all the knowledge together yet helps to understand the reality of Universe & Life. About the Author Abhinandan is a seeker willing to see everyone become a seeker. What he has done in his life is just based on his Prarabdha and Runanubandha. However, what he desires to do in life, this book is just an outcome of that. This book comes as part of knowledge and teaching of Lord Hanuman and various Gurus he has learned from so far. He himself is neither a Guru nor someone who has understood the Ultimate. He is seeking to become Shunya and wants you to become same.
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About The Book
पेश है 'द पिग्गी बैंक स्टोरी'...या हमारे आपके घरों में रखे किसी गुल्लक की कहानी। यह ईशान, मेहर और उनके प्यारे बुद्धिमान दादाजी (दादू) की नज़रों से एक ऐसी यात्रा है जो आपको हँसाएगी, सिखाएगी और भावुक भी करेगी। यह महज़ पन्नों का पुलिंदा नहीं.....यह आज की पीढ़ी के लिए अनिवार्य, क्रांतिकारी शैक्षिक आंदोलन है! हास्य, समझदारी और वास्तविक जीवन की दुविधाओं से भरे 20 दिल को छू लेने वाले अध्यायों के माध्यम से, यह किताब पैसे की बात को न केवल समझने लायक, बल्कि अविस्मरणीय बना देती है। यह हर दूरदर्शी माता-पिता, शिक्षक और छात्र के लिए एक अनमोल विरासत है। किताब आपको बताती है कि पैसा सिर्फ़ मासिक खर्चों का हिसाब नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का द्वार है। आप सीखेंगे कि इसकी असली ताकत को पहचानना कैसे है, इसके सामाजिक दबाव को चुनौती कैसे देनी है, और सबसे महत्वपूर्ण.....पैसे को अपना गुलाम बनाकर कैसे जीना है, न कि उसकी गुलामी करके। अगर आपने कभी यह चाहा है कि आपका बच्चा अपने मूल्यों को खोए बिना पैसे की समझ सीख ले, तो यह किताब ही आपका जवाब है। क्योंकि जो सबक स्कूल सिखाना भूल जाते हैं... ज़िंदगी उसकी कीमत ब्याज सहित वसूलती है। -
About The Book-
This book is a collection of her heartfelt expressions, capturing moments of joy, struggle, and reflection. Whether you’re seeking inspiration or a mirror to your emotions, Shilpa’s poetry will leave a lasting impact.About The Author-
Shilpa Chalke is a passionate writer and media researcher in Mumbai, India. With a deep interest in storytelling, social issues, and cultural narratives, she weaves emotions and experiences into thought-provoking poetry. -
About the Book
विश्वका यह शाश्वत नियम है कि इस संसार में पैदा हुए सम्पूर्ण प्राणी सुख-प्राप्ति एवं दुःख-निवृत्ति के लिए सदा-सर्वदा प्रयत्नशील रहते हैं। एतदर्थ शास्त्रकारोंने धर्मशास्त्रादिका अध्ययन कर सदाचारादि-पालन प्रभृति बहुत-से उपाय बतलाये हैं। डॉ. विनय कुमार, उप निदेशक, आदिवासी कल्याण, झारखण्ड के शोध-ग्रन्थ "विक्रमांकदेव चरितम् में वणित भारतवर्ष" का पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया है। ग्यारहवीं शताब्दी के कश्मीर के प्रसिद्ध कवि विल्हन विरचित काव्य "विक्रमांकदेव चरितम्" पर आधारित तत्कालीन भारतवर्ष की राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक जीवन का चित्रण प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक अत्यंत ज्ञानवर्द्धक एवं संग्रहणीय है। -
मैं इस किताब “आँखें बोलती हैं ” को पढ़ने वाले अपने प्रिय पाठकों का अभिनंदन करता हूँ | यूँ तो मेरे पास अपने बारे में कहने को कुछ खास नहीं हैं मगर मैंने अपनी यह पुस्तक लिख कर हिंदी साहित्य को एक छोटी सी भेंट देने का प्रयास किया है | मेरी इस पुस्तक में मेरी कलम ने वो सब लिखने का प्रयास किया जो इस संसार ने मुझे दिखाया, और मेरे पुस्तक का शीर्षक मेरे इसी अनुभव पर ही आधारित है | मैं पंजाबी लेखक क्लब के एडवाइज़र के पद को भी सुशोभित करता हूँ | मैं काव्य के प्रति रूचि बहुत वर्ष से ही रखता आया हूँ हिंदी और पंजाबी दोनों भाषाओँ से मैं भली भांति परिचित हूँ| क्लब में, मैं आम तौर पर कविता पाठ करता आया हूँ| क्लब से प्रशंसा मिलने के बाद मैंने यह किताब जो भिन्न भिन्न विषयों पर लिखी | सनातन संस्कृति से ओत प्रोत सबसे पहले “ प्रार्थना ” मंगल चरणा से ही आरम्भ किया है | हमारे क्लब में सभी द्वारा मेरी कविता “मालिक की रेल” को बहुत पसन्द किया जाता है | अगला अंक मेरा पंजाबी में आने वाला है | उसकी प्रतीक्षा करें …….
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मेरी कविता संकलन में या कहें कि जो मैने संग्रह किया है वो जीवन और मृत्यु के बीच के सफ़र की बाते, प्रश्न, यथार्थ, कल्पना और अनुमान है! हम सबका जीवन एक यात्रा है और इस यात्रा में आप कई मनोभावों से गुज़रते है, कई सुखद होती है तो कई पीड़ादायक, मगर यात्रा पूरी करनी होती है! इस जीवनरूपी यात्रा की झलक मेरी कविताओं में है! जो यथार्थ और कल्पना से बुनी गई है












