मुक्तिधाम कहानी एक श्मशान घाट की कहानी है । वहाँ पे आनेवाले सब एक ही मकसद से आते हैं । और वहां पर मिले हुए लोगों के साथ कुछ अनकही बातें आपस में बांट कर कुछ प्रतिक्रिया जाहिर कर बाहर आ जातें हैं । क्य। होता है वहाँ का माहौल, यही है कहानी का सारांश
लेखक के बारे में दो शब्द
मंजुलता मोहापात्र पिछ्ले 30 सालो से साहित्य के क्षेत्र में निरन्तर सक्रिय है । उनके द्वारा। लिखे गए 10 किताब प्रकाशित हुए हैं । वो हिन्दी, मराठी , ओडिआ भाषा में लिखती है । हाल ही में उनके द्वार। लिखे गए सपना का सपना प्रकाशित हुआ है ।







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