स्वामी रामदेव के श्री चरणों में स्वस्थ्य होकर अब हम यह गीत गुनगुनाएंगे।
नफरत के बागीचे में मोहब्बत हम सिखाएंगे।
इस भयंकर कलयुग को ढंग से जीना हम बताएंगे।
बदल जाओगे नफरत वालो, तुम्हे प्यार करना हम सिखाएंगे
इस पुस्तक में ऐसी कविताएं अंकित है जो समाज में कल्याण शांति और मिट जाएं भ्रान्ति, ऐसे शब्दों से कविताओं को प्रस्तुत किया गया है। कविता मूल रूप में हृदय की अंतरंग यात्रा कराती है सभी घटनाओं को साक्षी मानकर समाज में उत्थान और पतन की घटनाओं को शब्दों द्वारा अंकित किया जाता है देश के भावी योग-गुरु स्वामी रामदेव द्वारा किये गए समाज कल्याण और सोच को काव्य रूप में प्रस्तुत किया है। आशा है आगे भी उनके प्रयासों से समाज स्वास्थ्यवर्धकता की तरफ बढ़ेगा







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