“जहाज़ों को जो डुबा दे, उसे तूफान कहते हैं तूफानों से जो टक्कर ले उसे अमित शाह महान कहते हैं” इस पुस्तक में ऐसी कविताएं अंकित है जो समाज में कल्याण शांति और मिट जाएं भ्रान्ति, ऐसे शब्दों से कविताओं को प्रस्तुत किया गया है। कविता मूल रूप में हृदय की अंतरंग यात्रा कराती है सभी घटनाओं को साक्षी मानकर समाज में उत्थान और पतन की घटनाओं को शब्दों द्वारा अंकित किया जाता है देश के भावी गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किये गए समाज कल्याण और सोच को काव्य रूप में प्रस्तुत किया है। आशा है आगे भी उनके प्रयासों से समाज प्रगति की तरफ बढ़ेगा।
चाणक्य की तीसरी आंख Chanakya Ki Teesri Aankh
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| ISBN | 978-9361852879 |
|---|---|
| Pages | 60 pages |
| First Published | 10 June 2024 |







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